पैगाम… देश के वीरों के नाम 🇮🇳

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🇮🇳    सुनो! मेरे देश के वीरों, निराश मत होना तुम,
इस देश से अपना विश्वास कभी मत खोना तुम,
है आज अगर चरम पे, हैवानियत, अपने,
तो क्या हुआ……..
हमारे देश की मिट्टी में,
फैला वो जुनून बोल रहा है,
देख के तुम्हारी हालत,
इस देश का खून खौल रहा है…….
ऐसा नही है, कि हमें आंसुओं की कद्र नहीं,
ऐसा भी नहीं कि तुम्हारे जाने का कोई दुःख नहीं,
हो गई है ग़र, ख़त्म उनके अंदर से इंसानियत, उनकी,
तो क्या हुआ………..
तुम्हारी शहादत का बदला
हमारे अंदर पल रहा है,
देश का हर तबक़ा,
आज तुम्हारे साथ चल रहा है……….
तुम्हारे ख़ून के किसी कतरे को भी सूखने नहीं देंगे हम,
जोश-ए-जुनूँ की इस कड़ी को अब टूटने नहीं देंगे हम,
हमारे बीच में ही छिपे हों, लाख वो जानवर,
तो क्या हुआ………..
ढूंढ कर उनको,
सिखाने को सबक़, ये देश मचल रहा है,
निराश मत होना तुम,
आज तुम्हारे लिए, तुम्हारा देश बदल रहा है……….

~अनीता राय~

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