कैसे कह दूँ…?

396

लोगों में खटपट
संसद में जमघट
दुतरफी बातें
सुबकती रातें
लुटती लाज
मौन समाज
तरसता बचपन
उलझता जीवन !
तरक्की के धागे अभी बेहद कच्चे हैं
मैं कैसे कह दूँ
हालात अच्छे हैं …?

मोहिनी तिवारी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here