कोरोना विपदा

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विपदा की ,
काली आँधी में,
तुम
आशाओं के-
मुस्कानों के-
दीप जलाओ,
ध्यान रहे,पर
बुझ ना पाएं
दीपशिखाएँ ।

पूरे मन से,
पूर्ण शक्ति से,
ढाँप लो,
दीपशिखाओं को-
जब तक
तूफ़ां थम ना जाए –
जब तक
आँधी थक ना जाए
जीत तुम्हारी हो ना जाए ।

  • विभा पाठक

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