हर एक शय..

536

हर एक शय ने ..
माँगी है मुहब्बत ,
पर ये सबको. .
कहाँ मिलती है ..
ये इनायत तो..
ख़ुदाई से अता होती है. .!
हज़ार हाथ उठते हैं..
दुआ को लेकिन … ,
यहाँ कितने हैं…
जिनकी क़ुबूल होती है ….!

………….सीमा…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here