मतलब…..

820

मतलब जीना सिखलाये,मतलब,हंसना सिखलाये।
मतलब के लोग यहाँ है,फिर भी दिल समझ न पाये।
जीवन का खेल निराला,तुने ये क्या कर डाला
पत्थर की पूजा करके,मन को भटकाये।
मतलब……..

अनोखी ये प्यार मोहब्बत,सब है कुदरत की दौलत।
जज्बो से प्रीत बड़ी है,झूठी है धन और दौलत।
मतलब के दोस्त यहाँ हैं, झूठा ये यराना है।
लड़ते है भइया बन्धु ,समझ में न आये।
मतलब………

कसमों के सब हैं साथी,दुःख हो या सुख के भागी।
जीवन विरान बहुत है,सब हैं किस्मत के साथी।
इंसानो का है ये चक्कर,इंसा हो कोई हटकर,
परिवर्तन की सीढ़ी चढ़कर,बदल भी न पाये।
मतलब………

  • अनुराधा श्रीवास्तव

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here